घोड़े के चने : अकबर-बीरबल की कहानियाँ

घोड़े के चने


एक दिन बादशाह अकबर और बीरबल ऐसे स्थान पर घिर गए जहाँ खाने के लिए कुछ नहीं मिला। जंगल का मामला था।

भूख से परेशान हो जाने पर बादशाह ने कहा, बीरबल! अब भूखा नहीं रहा जाता।

और बादशाह ने घोड़े के चने खा लिए तो घोडा जोर से हिनहिनाया।

यह क्यों हिनहिना रहा है ? अकबर ने पूछा।

इसलिए कि आपने इसका भोजन खा लिया है।

इसलिए हिनहिना रहा है ?

हाँ।

क्या कह रहा है ?

नाराज हो गया है।

नाराज हो गया है ?

जी हाँ, अब आप चढ़िएगा किस पर ? बीरबल की बात पर बादशाह खूब हँसे।

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