दो गधों का बोझ

                     दो गधों का बोझ



एक बार बादशाह अकबर अपने पुत्र और बीरबल के साथ नगर का भ्रमण कर रहे थे। पिता-पुत्र ने अपना सामान बीरबल को थमा दिया।

बादशाह ने बीरबल का उपहास किया, अब तो तुम पर एक गधे का बोझ हो गया है।

बीरबल चुकनेवाले नहीं थे। वह तुरंत उत्तर देते थे। उन्होंने तुरंत उत्तर दिया, एक गधे का कहाँ है हुजूर, दो गधों का बोझ है।

बादशाह झेंप गए। वे अर्थ समझ गए।

बीरबल ने किस सफाई से पिता-पुत्र को गधा कहा था।

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