बहन दो : अकबर-बीरबल की कहानियाँ

                            बहन दो



अकबर और बीरबल यमुना तट पर टहल रहे थे।

तभी बादशाह की दृष्टि यमुना जल में बहती एक फूल-माला पर पड़ी। बादशाह ने बीरबल को मात देने का अबसर देखा और द्विअर्थक भाषा में बोले, बीरबल मा-ला दो।

बीरबल ने नहले पर दहला जड़ते हुए उत्तर दिया, अजी, बहन दो। ( द्विअर्थक-अर्थात बहन दो या बहने दो इसे जल में ) बादशाह को झेंपना पड़ा।

वे बीरबल को निरुत्तर करना चाहकर भी नहीं कर पाए थे।

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